IGNOU BECC-131 व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I Solved Assignment 2023-24 , FREE BECC131 व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I Solved Assignment 2024 , FREE BECC 131 व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I Assignment PDF , How to get BECC-131 Principles of Microeconomics-I Solved Assignment for Free, We are providing IGNOU BECC-131 Principles of Microeconomics-I Solved Assignment all over India.
In this website students will get the all solutions related with their IGNOU Assignments, IGNOU Study Material , IGNOU Previous Years Papers and IGNOU Study Notes , BECC-131 व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I Solved Assignment 2023-24 is for those candidate who want to submit their assignments on time.
FREE IGNOU BECC-131 व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I Solved Assignment 2023-24, students can directly done their assignment by simply take reference through our free ignou service (ignouservice.in). BECC-131 Principles of Microeconomics-I Free solved assignment available here.
BECC-131 Solved Assignment Hindi Medium 2023-24 for July 2023 and January 2024 Session
B.E.C.C-131
व्यष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत-I
शिक्षक मूल्यांकित सत्रीय कार्य
पाठ्यक्रम कोड : बी.ई-सी.सी.-131
सत्रीय कार्य कोड : ए.एस.टी.(टी.एम.ए.) /2023-24
पूर्णाक : 100
सत्रीय कार्य -1
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखें। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर का मान 20 अंक है।
1. क) क्या आप इस बात से सहमत हैं कि किसी फर्म का जो व्यवहार अल्पकाल में दक्ष (efficient) लगता है वहीं दीघकाल में अदक्ष पाया जा सकता है? उपयुक्त रेखाचित्र का प्रयोग करते हुए व्याख्या करें।
ख) दीर्घकालीन औसत लागत वक्र (LAC) की U आकृति होने के कारणों की जिसका एक फर्म दीर्घकाल में उत्पादन करने के दौरान सामना करती है, चर्चा कीजिए |
2. क) विस्तार पथ की अवधारणा की व्याख्या करें। रेखीय समजातीय उत्पादन फलन के मामले में विस्तार पथ एक सीधी रेखा क्यों होती है?
ख) ऐसे समोत्पाद वक्र का प्रदर्शन करें जिसका ढलवाँ भाग (sloped segments) सकारात्मक होता है। उसी रेखाचित्र में रिज रेखाओं की रचना करें तथा उत्पादन में आर्थिक क्षेत्र की अवधारणा की व्याख्या करें।
सत्रीय कार्य 2
निम्नलिखित मध्यम श्रेणी के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 250 शब्दों में लिखें। प्रत्येक प्रश्न 10 अंक का है।
3. क) उपयोगिता की अवधारणा की चर्चा करें। गणनात्मक उपयोगिता दृष्टिकोण क्रमवाचक उपयोगिता दृष्टिकोण से किस प्रकार भिन्न है?
ख) आधुनिक अर्थशास्त्रियों द्वारा किन आधारों पर ह्वासमान सीमात उपयोगिता की आलोचना की जाती है?
4. क) निम्नलिखित शर्तों के अधीन सरकार द्वारा किसी वस्तु के बाजार पर कीमत समर्थन संबंधी उपायों के प्रभाव को बताइये।
i) जब किसी वस्तु की कीमत संतुलन स्तर से नीचे निर्धारित की गई हो।
ii) जब किसी वस्तु की कीमत संतुलन स्तर के बराबर निर्धारित की गई हो।
ख) संतुलन स्तर से ऊपर आधार कीमत (price floor) तय करने के कया परिणाम होते हैं?
5. संतुलन की स्थिति प्राप्त करने के लिए कोई उत्पादक दी हुई साधन लागत पर उत्पादन को अधिकतम करने का प्रयास कर सकता है, वैकल्पिक रूप से वह दिये हुए उत्पादन स्तर पर लागत को न्यूनतम करने का प्रयास भी कर सकता है। क्या आप इस बात से सहमत हैं? चर्चा करें।
सत्रीय कार्य-3
प्रत्येक लघु उत्तर के प्रश्नों के उत्तर 100 शब्दों में लिखें। प्रत्येक प्रश्न के लिए 6 अंक हैं।
6. जब हम किसी उन्नतोदर (convex) समोत्पाद वक्र के ऊपर तथा नीचे की ओर गमन करते हैं तब तकनीकी सीमांत स्थानपित्त दर (MRTS) क्यों घटती है?
7. “उपभोक्ता की बचत की अवधारणा ह्वासमान सीमांत उपयोगिता के नियम से व्युत्पन्न की जाती है'- व्याख्या करें।
8. अंतर्पण्य (Arbitrage) से आप क्या समझते हैं?
9. एक ऐसे आय उपभोक्ता वक्र की रचना करें जहाँ वस्तु बाजार में क्षितिजीय अक्ष पर आवश्यक वस्तु तथा ऊर्ध्व अक्ष पर श्रेष्ठ वस्तु का प्रदर्शन हो रहा हो।
10. उस स्थिति में कर का भार कौन वहन करता है जब वस्तु की माँग पूर्णतया लोचदार हो तथा पूर्ति सामान्यतया लोचदार।
Subcribe on Youtube - IGNOU SERVICE
For PDF copy of Solved Assignment
WhatsApp Us - 9113311883(Paid)
0 Comments
Please do not enter any Spam link in the comment box